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चà¥à¤¨à¤¾à¤µ आयà¥à¤•à¥à¤¤ के चयन को लेकर हà¥à¤ˆ केनà¥à¤¦à¥à¤°à¥€à¤¯ समिति की बैठक मेंं विपकà¥à¤· के नेता राहà¥à¤² गांधी, गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ पर कोई विमरà¥à¤¶ करने के बजाय यह आपतà¥à¤¤à¤¿ की कि चयन पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को लेकर मामला सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ के समकà¥à¤· विचाराधीन है, इसलिठबैठक को टाल दिया जाà¤à¥¤
चà¥à¤¨à¤¾à¤µ आयà¥à¤•à¥à¤¤ की नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ को पारदरà¥à¤¶à¥€ बनाने के लिठहमारे संविधान-निरà¥à¤®à¤¾à¤¤à¤¾à¤“ं ने संसद से à¤à¤• कानून बनाने की अपेकà¥à¤·à¤¾ की थी और इसके लिठअनà¥à¤šà¥à¤›à¥‡à¤¦ 324 में पà¥à¤°à¤¾à¤µà¤§à¤¾à¤¨ बनाया। इस अनà¥à¤šà¥à¤›à¥‡à¤¦ पर बहस के दौरान à¤à¤• तंतà¥à¤° बनाये जाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता पर बल देते हà¥à¤ डॉ. à¤à¥€à¤®à¤°à¤¾à¤µ आमà¥à¤¬à¥‡à¤¡à¤•र ने कहा था कि कारà¥à¤¯à¤ªà¤¾à¤²à¤¿à¤•ा के अंगूठे के अधीन वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को नियà¥à¤•à¥à¤¤ होने से रोकने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤¾à¤µà¤§à¤¾à¤¨ न होना संविधान सà¤à¤¾ को बहà¥à¤¤ सरदरà¥à¤¦ दे रहा है। किनà¥à¤¤à¥ चूंकि तब à¤à¤¸à¥‡ किसी तंतà¥à¤° का कोई मसौदा तैयार नहीं किया जा सका, इसलिठइसे à¤à¤¾à¤µà¥€ संसद पर कानून बनाकर लागू करने के लिठछोड़ दिया गया। इसे लेकर जसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸ तारकà¥à¤£à¥à¤¡à¥‡ समिति (1975), दिनेश गोसà¥à¤µà¤¾à¤®à¥€ समिति (1990), दà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯ पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤§à¤¾à¤° आयोग (2009) ने अपनी संसà¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ की। विपकà¥à¤· का नेता रहते हà¥à¤ लालकृषà¥à¤£ आडवानी ने à¤à¥€ केवल पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ की संसà¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿ वाली वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ पर कई बार आपतà¥à¤¤à¤¿ की। इन सबके बावजूद ततà¥à¤•ालीन कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ सरकारों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ 1951 से 2013 तक कोई कानून नहीं बनाया गया।
समà¥à¤¯à¤• कानून बनाने को लेकर लेखक दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दाखिल जनहित याचिका संखà¥à¤¯à¤¾ 104/2015 में सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ ने à¤à¤• समिति के गठन का निरà¥à¤£à¤¯ दिनांक 02.03.2023 दिया। इस समिति की संसà¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿ पर मà¥à¤–à¥à¤¯ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ आयà¥à¤•à¥à¤¤ और चà¥à¤¨à¤¾à¤µ आयà¥à¤•à¥à¤¤ की नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ की जाती, जिसमें पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€, विपकà¥à¤· के नेता और à¤à¤¾à¤°à¤¤ के मà¥à¤–à¥à¤¯ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶ शामिल किठगठथे। यह समिति संसद दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कानून बनाठजाने तक कारà¥à¤¯ करती। इसके बाद केनà¥à¤¦à¥à¤° सरकार की पहल पर संसद दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ मà¥à¤–à¥à¤¯ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ आयà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¤µà¤‚ अनà¥à¤¯ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ आयà¥à¤•à¥à¤¤ नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ अधिनियम, 2023 पारित किया गया। इस कानून के अनà¥à¤¤à¤°à¥à¤—त संसà¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿ करने वाली समिति में पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ और विपकà¥à¤· के नेता के साथ à¤à¤• कैबिनेट मंतà¥à¤°à¥€ को à¤à¥€ शामिल किया गया है। अब इस कानून को कà¥à¤› जनहित याचिकाओं के माधà¥à¤¯à¤® से सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ के समकà¥à¤· मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤: इस आधार पर चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ दी गई है कि यह अनूप बरनवाल मामले में संविधान पीठदà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दिठगठनिरà¥à¤£à¤¯ का उलà¥à¤²à¤‚घन करता है। सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ ने 2023 के चà¥à¤¨à¤¾à¤µ आयà¥à¤•à¥à¤¤ नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ कानून के विरà¥à¤¦à¥à¤§ कोई अनà¥à¤¤à¤°à¤¿à¤® राहत देने से मना कर दिया।
कà¥à¤› महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¤µà¤‚ गमà¥à¤à¥€à¤° सवाल निकलकर आते है। जैसे, कà¥à¤¯à¤¾ 2023 का कानून पारित करते समय संसद ने à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› किया है, जो संविधान के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ूल है; कà¥à¤¯à¤¾ समिति में केवल मà¥à¤–à¥à¤¯ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶ को शामिल करके ही इसे निषà¥à¤ªà¤•à¥à¤· बनाया जा सकता है; और कà¥à¤¯à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ आयà¥à¤•à¥à¤¤ की नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ का कारà¥à¤¯ à¤à¤• कारà¥à¤¯à¤ªà¤¾à¤²à¤¿à¤•ीय कारà¥à¤¯ है और यदि à¤à¤¸à¤¾ है, तो इस कारà¥à¤¯ में मà¥à¤–à¥à¤¯ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶ को किस सीमा तक हसà¥à¤¤à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ª करने की छूट दी जानी चाहिà¤?
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संविधान के अनà¥à¤¤à¤°à¥à¤—त कारà¥à¤¯à¤ªà¤¾à¤²à¤¿à¤•ा और विधायिका जैसी राजनैतिक संसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं की नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लिठजनता दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ अपनायी गई है, और इसलिठइनकी जवाबदेही जनता के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ रहती है। नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤ªà¤¾à¤²à¤¿à¤•ा या चà¥à¤¨à¤¾à¤µ आयोग जैसी गैर-राजनीतिक संवैधानिक संसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं की नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लिठचà¥à¤¨à¤¾à¤µ जैसी कोई वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ नहीं अपनाकर इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपने कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को लेकर जनता के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ जवाबदेह नहीं बनाया गया और केवल सà¥à¤µà¤¯à¤‚ की अनà¥à¤¤à¤°à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¾ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ à¤à¤• संवैधानिक-नैतिकता वाली जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ दी गई है। इनकी नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किठजाने की वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ अपनाया गया। संसदीय पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ में इसका अरà¥à¤¥ है कि राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ की सलाह पर नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ करेगा। किनà¥à¤¤à¥ सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ और हाई कोरà¥à¤Ÿ के नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶ के समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§ में मà¥à¤–à¥à¤¯ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶ से सलाह लेने का, और चà¥à¤¨à¤¾à¤µ आयोग के समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§ में अनà¥à¤šà¥à¤›à¥‡à¤¦ 324 के अनà¥à¤¤à¤°à¥à¤—त à¤à¤• समà¥à¤¯à¤• कानून बनाने का शरà¥à¤¤ à¤à¥€ लगाया गया है।
1993 में कोलेजियम का आविषà¥à¤•ार होने के पूरà¥à¤µ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶à¥‹à¤‚ की नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ में किस सà¥à¤¤à¤° पर पारà¥à¤Ÿà¥€à¤—त हसà¥à¤¤à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ª रहा है, इसे राजनीतिजà¥à¤ž à¤à¤µà¤‚ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶ बहरà¥à¤² इसà¥à¤²à¤¾à¤® की नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ के दृषà¥à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥à¤¤ से समà¤à¤¾ जा सकता है। बहरà¥à¤² इसà¥à¤²à¤¾à¤® 1962 में कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ पारà¥à¤Ÿà¥€ से राजà¥à¤¯ सà¤à¤¾ सदसà¥à¤¯ चà¥à¤¨à¥‡ गठथे। इस पद से उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने 20.01.1972 को इसà¥à¤¤à¥€à¤«à¤¾ दे दिया और इसी दिन उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गोवाहाटी हाईकोरà¥à¤Ÿ का जज बना दिया गया। यहां वे मà¥à¤–à¥à¤¯ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶ रहते हà¥à¤ 01.03.1980 को सेवानिवृतà¥à¤¤ हो गà¤à¥¤ सेवानिवृतà¥à¤¤ के नौ महीने बाद 04.12.1980 को उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ का नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶ बना दिया गया। किनà¥à¤¤à¥ सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ के नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶ पद से सेवानिवृतà¥à¤¤ होने से करीब दो महीने पूरà¥à¤µ उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इसà¥à¤¤à¥€à¤«à¤¾ दे दिया, ताकि वह बारपेटा लोकसà¤à¤¾ सीट से चà¥à¤¨à¤¾à¤µ लड़ सके। चà¥à¤¨à¤¾à¤µ टल जाने के बाद कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸ पारà¥à¤Ÿà¥€ ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ 15 जून, 1983 को पà¥à¤¨: राजà¥à¤¯à¤¸à¤à¤¾ का सदसà¥à¤¯ बना दिया। किसी à¤à¥€ संसà¥à¤¥à¤¾ के लिà¤, उसके सरà¥à¤µà¥‹à¤šà¥à¤š संवैधानिक पद की नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ में इतना मनमाना रवैया चिनà¥à¤¤à¤¾ का विषय हो सकता है। सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ खà¥à¤¦ को इस चिनà¥à¤¤à¤¾ से अलग नहीं कर सकता था। कोलेजियम जैसे तंतà¥à¤° का आविषà¥à¤•ार इसी चिंता को दूर करने के लिठकिया गया à¤à¤• पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ है। इसका उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ है कि संसà¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿ केवल मà¥à¤–à¥à¤¯ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ नहीं बलà¥à¤•ि इसके साथ चार अनà¥à¤¯ वरिषà¥à¤ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶à¥‹à¤‚ वाली कोलेजियम दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सामूहिकता के सिदà¥à¤§à¤¾à¤¨à¥à¤¤ के आधार पर किया जाठऔर कोई नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ à¤à¤¸à¥€ संसà¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿ के बाद ही की जाà¤à¥¤ 2023 के कानून में à¤à¥€ कमोवेश यही किया गया है। कहीं और बेहतर किया गया है। पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ और à¤à¤• कैबिनेट मंतà¥à¤°à¥€ के अलावा विपकà¥à¤· के नेता को à¤à¥€ रखा गया है। पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ और कैबिनेट मंतà¥à¤°à¥€ लोकसà¤à¤¾ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ उतà¥à¤¤à¤°à¤¦à¤¾à¤¯à¥€ हैं, तो विपकà¥à¤· के नेता लोकसà¤à¤¾ के à¤à¤• बड़े धड़े का पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¨à¤¿à¤§à¤¿à¤¤à¥à¤µ करता है। बेशक मà¥à¤–à¥à¤¯ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤ªà¤¾à¤²à¤¿à¤•ा का सरà¥à¤µà¥‹à¤šà¥à¤š होने के नाते अति महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है, किनà¥à¤¤à¥ यह महतà¥à¤¤à¥à¤µ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤ªà¤¾à¤²à¤¿à¤•ा के लिठनिरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को लेकर ही सीमित है। सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ विधिशासà¥à¤¤à¥à¤° के अनà¥à¤¤à¤°à¥à¤—त नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§à¥€ कारà¥à¤¯, à¤à¤• कारà¥à¤¯à¤ªà¤¾à¤²à¤¿à¤•ीय दायितà¥à¤µ वाला कारà¥à¤¯ है। इसमें, वह à¤à¥€ दूसरी समान महतà¥à¤¤à¥à¤µ की संसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं में नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ करने समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§à¥€ कारà¥à¤¯ में, मà¥à¤–à¥à¤¯ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶ को शामिल करना, उसे अनावशà¥à¤¯à¤• रूप से विवाद में घसीटने जैसा है। इसे खà¥à¤¦ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤ªà¤¾à¤²à¤¿à¤•ा की गरिमा के अनà¥à¤•ूल नहीं कहा जा सकता है।
2023 का कानून संवैधानिक सà¥à¤§à¤¾à¤° की दिशा में अति-महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कदम है। इसमें सà¥à¤µà¥€à¤•ृत सामूहिकता के सिदà¥à¤§à¤¾à¤¨à¥à¤¤ को न केवल चà¥à¤¨à¤¾à¤µ आयà¥à¤•à¥à¤¤ पद पर बलà¥à¤•ि सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ à¤à¤µà¤‚ हाई कोरà¥à¤Ÿ के नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶ पद पर नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ के सनà¥à¤¦à¤°à¥à¤ में लागू किठजाने की, और इस कानून को और बेहतर à¤à¤µà¤‚ वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• बनाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। चयन-पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ को बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठसमà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§à¤¿à¤¤ संवैधानिक संसà¥à¤¥à¤¾ के मà¥à¤–िया को à¤à¥€ समिति में शामिल किया जाना चाहिà¤à¥¤ जैसे, नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶ की नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ हेतॠसंसà¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿ करने वाली समिति में पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ और विपकà¥à¤· के नेता के साथ मà¥à¤–à¥à¤¯ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶ को और चà¥à¤¨à¤¾à¤µ आयà¥à¤•à¥à¤¤ की नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ हेतॠसंसà¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿ करने वाली समिति में पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ और विपकà¥à¤· के नेता के साथ मà¥à¤–à¥à¤¯ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ आयà¥à¤•à¥à¤¤ को शामिल किया जा सकता है। मà¥à¤–à¥à¤¯ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤§à¥€à¤¶ और मà¥à¤–à¥à¤¯ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ आयà¥à¤•à¥à¤¤ की नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ सबसे वरिषà¥à¤ की पà¥à¤°à¥‹à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¿ करके करने का पà¥à¤°à¤¾à¤µà¤§à¤¾à¤¨ बनाया जाना चाहिà¤à¥¤ समिति को ‘संविधान-सà¥à¤¤à¤°à¥€à¤¯ संसà¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿ परिषद’ नाम देकर इसे संवैधानिक संसà¥à¤¥à¤¾ बनाया जा सकता है। à¤à¤¸à¤¾ ही à¤à¤• पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ मोदी सरकार दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ 2014 में ‘राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¿à¤• नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ आयोग’ बनाकर किया गया था, किनà¥à¤¤à¥ इसे सà¥à¤µà¤¯à¤‚ सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ ने निरसà¥à¤¤ कर दिया। सवाल है कि सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ जो सà¥à¤§à¤¾à¤° चà¥à¤¨à¤¾à¤µ आयोग के लिठचाहता है, उसे सà¥à¤µà¤¯à¤‚ पर लागू करने से पीछे कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ हो जाता है?
केनà¥à¤¦à¥à¤°à¥€à¤¯ समिति की बैठक में राहà¥à¤² गांधी, चयन की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ के समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§ में अपना रचनामक योगदान दे सकते थे, किनà¥à¤¤à¥ इसके बजाठवह तकनीकी आपतà¥à¤¤à¤¿ करके अपनी मà¥à¤–à¥à¤¯ जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ से पलà¥à¤²à¤¾ à¤à¤¾à¥œ लिया। संवैधानिक पद पर नियà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ के समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§ में विपकà¥à¤· के नेता से à¤à¤¸à¥‡ रवैये की अपेकà¥à¤·à¤¾ नहीं की जा सकती है, जबकि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पता है कि मà¥à¤–à¥à¤¯ चà¥à¤¨à¤¾à¤µ आयà¥à¤•à¥à¤¤ जैसे संवेदनशील पद को खाली रखना अनà¥à¤šà¤¿à¤¤ है, और इसको लेकर लागू कानून पर रोक लगाने से खà¥à¤¦ सà¥à¤ªà¥à¤°à¥€à¤® कोरà¥à¤Ÿ ने मना कर दिया है।
- अनूप बरनवाल देशबनà¥à¤§à¥,
अधिवकà¥à¤¤à¤¾, इलाहाबाद उचà¥à¤š नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯, पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤—राज
लेखक, à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संविधान की निरà¥à¤®à¤¾à¤£ यातà¥à¤°à¤¾