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शिनजियांग में जब चीन ने कई मसà¥à¤œà¤¿à¤¦à¥‹à¤‚ को टà¥à¤µà¤¾à¤¯à¤²à¤Ÿ बना दिया; मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® नाम, मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® दाढ़ी, मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® टोपी पर रोक लगा दिया, तो फारूक अबà¥à¤¦à¥à¤²à¥à¤²à¤¾ जैसे लोग उफ तक नहीं कर पाये। और अब जब 370 का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ समापà¥à¤¤ होने के साथ जमà¥à¤®à¥‚-कशà¥à¤®à¥€à¤° शेष à¤à¤¾à¤°à¤¤ के बराबरी पर आ गया; वहां के बालà¥à¤®à¤¿à¤•ी लोगों को, वहां की महिलाओं को समान अधिकार मिल गया; शेष à¤à¤¾à¤°à¤¤ के सà¤à¥€ लोग, यहां तक कि मà¥à¤¸à¤²à¤®à¤¾à¤¨ à¤à¥€, वहां समान अधिकार के साथ आ-जा सकते हैं; वहां कई तरह से पà¥à¤°à¤—ति के रासà¥à¤¤à¥‡ खà¥à¤² गये हैं, तो फारूक अबà¥à¤¦à¥à¤²à¥à¤²à¤¾ जैसे नाग चीन को अपना सपेरा मानकर फनफनाने लगे हैं।
गलती तो यह है कि फारूक अबà¥à¤¦à¥à¤²à¥à¤²à¤¾ जैसे सपोलों को दूध पिलाया गया और दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ यह है कि इनको दूध पिलाने वाले इसी à¤à¤¾à¤°à¤¤ में है। फारूख के चीन-नागनृतà¥à¤¯ पर आज दूध पिलाने वाले यही लोग सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खà¥à¤¶ हैं।
किनà¥à¤¤à¥ जो à¤à¥€ लोग चीन की धà¥à¤¨ पर नाच रहे हैं या नाचने के लिठतैयार हैं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शिनजियांग जाकर या तिबà¥à¤¬à¤¤ जाकर वहां की वसà¥à¤¤à¥à¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के बारे में जरूर जानना-समà¤à¤¨à¤¾ चाहिà¤à¥¤ वहां à¤à¤• राषà¥à¤Ÿà¥à¤° की संकलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ को किस तरह और कितनी कड़ाई से लागू कराया जाता है, इसे इन लोगों को अवशà¥à¤¯ देखना चाहिà¤à¥¤
चीन में पूजा-इबादत पूरी तरह घर के अनà¥à¤¦à¤° का विषय है। यदि आप बाहर निकलते हैं तो आपको चीन की राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ संसà¥à¤•ृति के अनà¥à¤°à¥‚प न केवल दिखना होगा, बलà¥à¤•ि दिखाना à¤à¥€ होगा। आप अपने धारà¥à¤®à¤¿à¤• अधिकारों की आड़ में à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› नहीं कर सकते, जो वहां की राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ पर खरोंच तक लगा सके।
फारूक अबà¥à¤¦à¥à¤²à¥à¤²à¤¾ ने अलà¥à¤²à¤¾ का नाम लेकर à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• खेल खेलने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया है ताकि शेष à¤à¤¾à¤°à¤¤ का मà¥à¤¸à¤²à¤®à¤¾à¤¨ उसके साथ खड़े हो जाà¤à¥¤ किनà¥à¤¤à¥ यह उसकी गलतफहमी है।
शेष à¤à¤¾à¤°à¤¤ का मà¥à¤¸à¤²à¤®à¤¾à¤¨ समà¤à¤¤à¤¾ है कि 370 के बने रहने के दौरान उसके साथ किस तरह वहां दोहरी नीति अपनाई जाती थी। शेष à¤à¤¾à¤°à¤¤ का मà¥à¤¸à¤²à¤®à¤¾à¤¨ वहां आतंकी गतिविधियों में शामिल हो सकता था, किनà¥à¤¤à¥ अजीम पà¥à¤°à¥‡à¤®à¤œà¥€ जैसा राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® उदà¥à¤¯à¥‹à¤—पति वहां जाकर उदà¥à¤¯à¥‹à¤— नहीं लगा सकता था। जबकि इसके उलट पाकिसà¥à¤¤à¤¾à¤¨ के मà¥à¤¸à¤²à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ के साथ à¤à¤¸à¤¾ नहीं था।
फारूख अबà¥à¤¦à¥à¤²à¥à¤²à¤¾ की नजर में 370 का पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ समापà¥à¤¤ करने वाले लोग शैतान हैं। सही à¤à¥€ है। फारूक अबà¥à¤¦à¥à¤²à¥à¤²à¤¾ जैसे नागों के फन को कà¥à¤šà¤²à¤¨à¥‡ के लिठइंसानियत की नहीं बलà¥à¤•ि शैतानी हरकत की ही आवशà¥à¤¯à¤•ता है। हम तो कहेंगे कि à¤à¤¸à¥‡ नागों के फन को पूरी तरह कà¥à¤šà¤²à¤¨à¥‡ के लिठचीन की तरह पूरà¥à¤£ शैतान हो जाना चाहिà¤, ताकि à¤à¤¾à¤°à¤¤ के सà¤à¥€ लोग खà¥à¤¶ रहे à¤à¤µà¤‚ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ आबाद रहे।